My Diary For Spacial Person

उनसे बाते तो नही करता पर उनकी बाते लाजवाब करता हु |

पेसे से शायर हु यारो अल्फाजो से दिल का इलाज करता हु |

 

 

1.

तुझसे प्यार नही ये बात मेरी बेतुकी सी है तू आके देख तेरे बिन धडकने मेरी रुकी सी है
चल मन लिया में तेरा पोबिता ना सही पर कसम से यार तू मेरी सिजुका सी है |

मुझसे प्यार नही तो मुझसे बेरुखी क्यों है तेरे मेरे बीच में वो डेकिसुकी क्यों है |
फिर भी पूरा दिन मेरा तुझ पे ध्यान रहता है जब देखो तब मेरे पीछे वो मोटा जियान रहता है
तो होती मेरे पास तो दिल बेचन नही होता ना अब हर किसी के पास डोरेमोन नही होता ना |

तेरा ख्याल है जब ही  तेरे ख्यालो में मस्त हु ना दिल लाख महोबत कर ले तुझेसे पर तो सिर्फ दोस्त हु ना |
मेरे दिन और रात में अब जादा फर्क नही होता तेरी याद में कमख्त मेरा होम वर्क नही होता |

दिल और दिमाक का हर रोज कोई खेल हो जाता हु तुझे देखने के चक्र में साला एग्जाम में भी फ़ैल हो जाता हु |
तुझे दिन में बस एक बार देखू तो भी मेरे दिल को ख़ुशी सी है चल मन लिया में तेरा नोबिता ना सही नही पर कसम से यार तू मेरी सिजुका सी है |

 

 

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